छापाखाना यूरोप कैसे पहुँचा

छापाखाना यूरोप कैसे पहुँचा ?

छापाखाना के आविष्कार का महत्त्व इस भौतिक संसार में आग, पहिया और लिपि की तरह है जिसने अपनी उपस्थिति से पूरे विश्व की जीवनशैली को एक नया आयाम प्रदान किया । मुद्रणकला के आविष्कार और विकास का श्रेेय चीन को  जाता है । यद्यपि मूवेबल टाइपों द्वारा मुद्रणकला का आविष्कार तो पूरब में ही हुआ,  परंतु इस कला का विकास यूरोप में अधिक हुआ । इसका प्रमुख कारण था कि चीनी, जापानी और कोरियन भाषा में 40 हजार से अधिक वर्णाक्षर थे । फलत: सभी वर्णों का ब्लॉक बनाकर उपयोग करना कठिन कार्य था । लकड़ी के ब्लॉक द्वारा होनेवाले मुद्रण का समरकन्द-पर्शिया-सीरिया मार्ग से (रेशममार्ग) व्यापारियों द्वारा यूरोप, सर्वप्रथम रोम में प्रविष्टि हुई । 13वीं सदी के अंतिम में रोमन मिशनरी एवं मार्कोपोलो द्वारा ब्लॉक प्रिंटिग के नमूने यूरोप पहुँचे ।

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