विविधता राष्ट्र के लिए कब घातक बन जाती है

विविधता राष्ट्र के लिए कब घातक बन जाती है ?

एक सीमा में रहने पर विविधता राष्ट्र के लिए उपयोगी होती है । सीमा का उल्लंघन होते ही सामाजिक विभाजन और आपसी संघर्ष शुरू हो जाता है । ऐसी स्थिति में ही विविधता राष्ट्र के लिए घातक बन जाती है । श्वेत और अश्वेत का संघर्ष, हिन्दू-मुसलमान समुदायों के बीच दंगा, प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक के बीच संघर्ष इसके उदाहरण है ।

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