जुलाई 1830 की क्रांति का विवरण दें

जुलाई 1830 की क्रांति का विवरण दें

फ्रांस के शासक चार्ल्स-X एक निरंकुश एवं प्रतिक्रियावादी शासक था । इसके काल में इसका प्रधानमंत्री, पोलिग्नेक ने लुई 18वें द्वारा स्थापित समान नागरिक संहिता के स्थान पर शक्तिशाली अभिजात्य वर्ग की स्थापना की तथा इस  वर्ग को विशेषाधिकार प्रदान किया । उसके इस कदम से उदारवादियों एवं प्रतिनिधि सदन ने पोलिग्नेक का विरोध किया । चार्ल्स-X ने 25 जुलाई, 1830 ई. को चार अध्यादेशों द्वारा उदारवादियों को दबाने का प्रयास किया । इस अध्यादेश के खिलाफ पेरिस में क्रांति की लहर दौड़ गई तथा फ्रांस में गृहयुद्ध आरम्भ हो गया । इसे ही जुलाई, 1830 की क्रांति कहते हैं । परिणामस्वरूप, चार्ल्स-X फ्रांस की गद्दी को छोड़कर इंगलैण्ड पलायन कर गया तथा इसी के साथ फ्रांस में बूर्बों वंश के शासन का अंत हो गया ।

जुलाई, 1830 की क्रांति के परिणामस्वरूप फ्रांस में बूर्बों वंश के स्थान पर आर्लेयेस वंस गद्दी पर आया । आर्लेयेंस वंश के शासक लुई फिलिप ने उदारवादियों, प्रत्रकारों तथा पेरिस की जनता के समर्थन से सत्ता प्राप्त की थी, अत: उसकी नीतियाँ उदारवादियों के समर्थन में संवैधानिक गणतंत्र की स्थापना करना था ।

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