कोयला एवं लौह उद्योग ने किस प्रकार औद्योगिकीकरण को गति प्रदान की

कोयला एवं लौह उद्योग ने किस प्रकार औद्योगिकीकरण को गति प्रदान की ?

ब्रिटेन में कोयले एवं लोहे की खानेंं थी । वस्त्र उद्योग की प्रगति कोयले एवं लोहे के उद्योग पर निर्भर कर रही थी । वाष्प के इंजन बनने के बाद रेलवे इंजन बनने लगे जो कारखाना के लिए कच्चा माल लाने तथा तैयार माल ले जाने में सहायक सिद्ध हुआ । 1815 ई. में हम्फ्री डेवी ने खानों में काम करने के लिए ‘सेफ्टी लैम्प’ का आविष्कार किया । 1815 ई. में हेनरी बेसेमर ने लोहा को गलाने की भट्ठी का आविष्कार किया । नई-नई मशीनों को बनाने के लिए लोहे की आवश्यकता बढ़ती गई । नवीन आविष्कारों के कारण लोहे का उत्पादन बड़े पैमाने पर होने लगा जिससे आने वाले युग को ‘इस्पात युग’ भी कहा गया । इस प्रकार कोयला एवं लौह उद्योग ने औद्योगिकीकरण को गति प्रदान की ।

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